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वो बाते, हिंदी कविता। wo baate hindi poem.

बातो ही बातो में कभी कभी, उन बातो की याद आ जाती है, जिन बातो को खुद से न कभी, याद करने की बात होती है। शब्दो ही शब्दो में दबी दबी, दिल की आह बन आ जाती है,, कविताओं के शब्दो में दबी, फिर एक पहचान बनी होती है। कुछ न कुछ बहुत कमी कमी, मुझसे जब ये भी दूर हो जाती है, खलती है मुझे जिसकी कमी, उसकी उसमे याद बसी होती है। ~लोकेश शर्मा। LHS

कॉलेज के बाद कुछ शब्द। लोकेश शर्मा।

सामने न होकर भी, सामने नज़र आयेंगे | आज जा रहे है कॉलेज से, कल यादो में मिलने आयेंगे | कैसे भूल सकते है, इन प्यारे 4 सालो को, मुझे तो ये हमेशा याद आयेंगे ||

पल पल उस पल की याद दिलाता है। लोकेश शर्मा।

पल पल उस पल की याद दिलाता है, जिस पल एक दूसरे को पल भर देखा था। कल कल रोज़ एक कल समय दिखलाता है, न वो कल आता न वो आता दिखता था। क्या क्या करते क्या कुछ हो जाता है,

My Thought | T.G. Futuristic | Sudhir Chouhan |

It was just a kind heart promise...           A promise, which I made with my love to meet her. 😍 At same time, same place & on the same day of next year...           But it was

देखो एक बात है जो मैं तुम्हे बताना चाहता हूँ। हिन्दी कविता। लोकेश शर्मा।

देखो एक बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ, न जाने कब से तुम्हें समझाना चाहता हूँ। रुक रुक कर सोचता हूँ कि अब बता भी देता हूँ, पर जब सामने होती हो तो अंदर छुपा भी लेता हूँ । दिल कहता है बोल दे, दिमाग कहता जरा सोच ले, हिम्मत तो है मुझमें पर तुम्हें खोने से  मैं  डरता हूँ ।

मेरा जन्मदिन।My birthday।

लोग तो तोहफा करते ही है, सोचा जन्मदिन है तो, खुद भी खुद को कुछ तोहफा कर दूं। क्या है ऐसा अनमोल, जो कर सकू खुद को,