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Showing posts from September, 2018

कामयाबी सस्ती है, पर बाजार में नही बिकती। रवि भाटी।

किताबो का बोझ बचपन , जवानी खा गया , कुछ   करके दिखाना है , जल्द समझ में आ गया। जागते - जागते नींद से नाता टूट गया , बस   5   मिनट और सो लू ,  ये बहाना भी मुझसे रूठ गया। नींद अच्छी है पर आँखों में नही ढलती , कामयाबी   सस्ती है ,  पर बाजार में नही बिकती। रोज शाम मेरा दोस्त मेरे घर के बाहर आता , रवि रवि चिल्लाकर ,  जोर से Horn बजाता। मेरे   मन का लालची लड़का उसके साथ जाना चाहता , किताबो   का खौफ रह-रहकर उसे सताता। दोस्त हारा ,  खौफ जीता सब कुछ बदल गया था , कामयाबी   का मुश्किल रस्ता ,  क्या वही से शुरू हुआ था ? अब मेरे दोस्त को देखकर वो मुस्कान नही खिलती , कामयाबी   सस्ती है ,  पर बाजार में नही बिकती। मस्ती करना ,  घूमना फिरना ,  इधर-उधर की बाते , सपने थे सुहाने सारे ,  किताबे थी दिन और राते। घर की गरीबी ने लक्ष्य को और स्पष्ट दिखलाया , Crush  की आँखों से ज्यादा ,  भविष्य मुझे उझलाया। मन मसोस कर जब मैंने इन सबको पीछे छोड़ा , तब जाकर कामयाबी ने थोड़ा सा रिश्ता जोड़ा। सारे   आमोद-प्रमोद त्यागे ,  थी दुनिया मुझ पर हँसती , कामयाबी   सस्ती है ,  पर बाजार

फिर जाते है प्रताप नगर। लोकेश शर्मा।

चलो एक बार फिर जाते है , उसी घर प्रताप नगर पर। कई कहानियां है जिसकी , वहाँ एक कहानी और बनाते है। हरदीप HM, विकास CA,  फिर सबका हिसाब शुरू करवाते है। Government हम सब और परेशान public मयंक , फिर  से खुद का देश चलाते है। सत्यम , अतुल , अशोक सर और बाकी  सबको भी वही बुलाते है , Laptop में counter-strike का फिर  से वही माहौल बनाते है। शाम  की चाय , रात की फालूदा सब वही है , चलो मिलकर आते है। मकर संक्रांति को पेच पतंग का , एक बार फिर शुभम वही लड़ाते है। नही तो फिर महाशिवरात्रि वहाँ , मंदिर  का एक चक्कर लगाते है। वो  2 अब भी इंतज़ार करती होगी चल शिवांग बात करके आते है। नवीन की घोची , शिवांग के UNO, और भी बहुत है , सब खेल आते है। Company Engineer's Adda और वो package 0 ₹ का , चलो फिर से placed हो जाते है। ~लोकेश शर्मा। PRATAP NAGAR'S STORIES~ CHAPTER-1  ।   प्रताप नगर की मकर संक्रांति । CHAPTER-2  ।   प्रताप नगर की महाशिवरात्रि । CHAPTER-3 । प्रताप नगर घर पर पार्टी ।

Kerala flood। शुभम हेडा।

विपदा ये कैसी आयी ,  कैसी ये कठिनाई। प्रकृति के इस कहर मे ,  डूबे हैं अपने भाई। हमें एकजुट होकर  इस कहर से लड़ना है। प्रकृति के इस प्रलय में ,  कदम बढ़ाकर चलना है। कदम से कदम मिलाकर  सबको सहायता करनी है। भूलो मत जो है अभी दुख में ,  वो हमारी भी जननी है। कोई पैसे दे , कोई खाना दे ,  हर एक मदद को हाथ बढ़ाय। परेशानी कि इस घड़ी में ,  एक दूसरे का साथ निभाए।। ~शुभम हेडा। #KeralaFloodRelief  #standwithkerala  #Keralafloods Disaster in this monsoon season Stand_With_Kerala Help Rebuild Kerala To Donate- Click Here! Donation using Writing Room Never Miss Any Update or Post Enter your email address: Delivered by FeedBurner

CHAPTER-3 । प्रताप नगर घर पर पार्टी ।

ध्यान दें ~   यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है ,  इस कहानी में उपयोग किए गए नाम ,  जगह सभी का वास्तविकता से कोई संबंध नही हैं। 😜 प्रताप नगर के किस्से। CHAPTER-1  ।   प्रताप नगर की मकर संक्रांति । CHAPTER-2  ।   प्रताप नगर की महाशिवरात्रि । CHAPTER-3 प्रताप नगर घर पर पार्टी। COMING SOON!!! COMING SOON!!! Get Notification when Chapter-3 is published Enter your email address: You get mail to confirm email address. Delivered by FeedBurner Writing Room