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देखो एक बात है जो मैं तुम्हे बताना चाहता हूँ। हिन्दी कविता। लोकेश शर्मा।

देखो एक बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ,
न जाने कब से तुम्हें समझाना चाहता हूँ।

रुक रुक कर सोचता हूँ कि अब बता भी देता हूँ,
पर जब सामने होती हो तो अंदर छुपा भी लेता हूँ
दिल कहता है बोल दे, दिमाग कहता जरा सोच ले,
हिम्मत तो है मुझमें पर तुम्हें खोने से मैं डरता हूँ

देखो एक बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ,
न जाने कब से तुम्हें समझाना चाहता हूँ।

तुम हो इसलिए ही जिन्दगी जीना मैं चाहता हूँ,
तुम्हें अपना जीवन साथी बनाना मैं चाहता हूँ
और कुछ मिले न मिले इतनी बड़ी दुनिया मे,
पर कुछ पाना है तो तुम्हें पाना मैं चाहता हूँ

देखो एक बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ,
न जाने कब से तुम्हें समझाना चाहता हूँ।

नहीं पता मुझे, तुम्हारी चाह भी यही है या नहीं,
मेरे जो अहसास है, वो तुम्हारे भी है या नहीं
बस यही पता है मुझे कि मैं तुम्हें चाहता हूँ,
ख्वाबो में तुम्हारे साथ अपना जीवन बिताता हूँ

और यही वो बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ,
न जाने कब से तुम्हें समझाना चाहता हूँ।

लोकेश शर्मा
(LHS)

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