Skip to main content

Posts

Showing posts from August, 2016

All Posts

All Posts टूटते रिश्ते टूटते सपने। उत्कर्ष जैन। पता नहीं क्यों? लोकेश शर्मा। इतने क्यूँ अंजान बन रहे हों। लोकेश शर्मा। आज कुछ लिखने की कोशिश की है मैंने। लोकेश शर्मा। आ इन हसीन लम्हों में। Love Status। नया साल हैं, नयी बात करते हैं। लोकेश शर्मा। अब जो साथ तू नहीं तो फिर मैं नहीं। लोकेश शर्मा। एक पंछी अपनी राह तकता। लोकेश शर्मा। जिसे कभी उंगली पकड़ कर। लोकेश शर्मा। क्यूँ मान लूँ मैं। लोकेश शर्मा। न फिर कभी। लोकेश शर्मा। बारिश आई है, भीग जाने दे। लोकेश शर्मा। अब क्या बताऊँ मैं, कि क्या हाल हैं? लोकेश शर्मा। मैं वहीं पर खड़ा तुमको मिल जाऊँगा। डा. विष्णु सक्सेना। मेरी नींदें उड़ा कर, वो चैन से सो गई। लोकेश शर्मा। तुझे पता है, तू मेरी जान है। लोकेश शर्मा। मगर तुझे तो भुला भी नही सकता। लोकेश शर्मा। पीयूष मिश्रा की कुछ कविताएं। पीयूष मिश्रा। वो तुम नही थी। लोकेश शर्मा। क्या तुम्हे है ये याद? मुझे आज भी यकीन नही होता। लोकेश शर्मा। कामयाबी सस्ती है, पर बाजार में नही बिकती। रवि भाटी। फिर जाते है प्रताप नगर। लोकेश शर्मा। Kerala flood