चलो एक बार फिर जाते है , उसी घर प्रताप नगर पर। कई कहानियां है जिसकी , वहाँ एक कहानी और बनाते है। हरदीप HM, विकास CA, फिर सबका हिसाब शुरू करवाते है। Government हम सब और परेशान public मयंक , फिर से खुद का देश चलाते है। सत्यम , अतुल , अशोक सर और बाकी सबको भी वही बुलाते है , Laptop में counter-strike का फिर से वही माहौल बनाते है। शाम की चाय , रात की फालूदा सब वही है , चलो मिलकर आते है। मकर संक्रांति को पेच पतंग का , एक बार फिर शुभम वही लड़ाते है। नही तो फिर महाशिवरात्रि वहाँ , मंदिर का एक चक्कर लगाते है। वो 2 अब भी इंतज़ार करती होगी चल शिवांग बात करके आते है। नवीन की घोची , शिवांग के UNO, और भी बहुत है , सब खेल आते है। Company Engineer's Adda और वो package 0 ₹ का , चलो फिर से placed हो जाते है। ~लोकेश शर्मा। PRATAP NAGAR'S STORIES~ CHAPTER-1 । प्रताप नगर की मकर संक्रांति । CHAPTER-2 । प्रताप नगर की महाशिवरात्रि । CHAPTER-3 । प्रताप नगर ...
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