Skip to main content

Posts

Showing posts with the label बात

बात। इति गोव्स्वामी।

बहुत समय बाद तुझे देखा आज, दिल ने कहा ठहर जा थोड़ा, और कर ले थोड़ी उस से बात। दिमाग ने लगाया थप्पड़ तब दिल को, और याद आ गयी सारी वो पुरानी बात। कैसे क्या क्या हुआ था जब,

वो बाते, हिंदी कविता। wo baate hindi poem.

बातो ही बातो में कभी कभी, उन बातो की याद आ जाती है, जिन बातो को खुद से न कभी, याद करने की बात होती है। शब्दो ही शब्दो में दबी दबी, दिल की आह बन आ जाती है,, कविताओं के शब्दो में दबी, फिर एक पहचान बनी होती है। कुछ न कुछ बहुत कमी कमी, मुझसे जब ये भी दूर हो जाती है, खलती है मुझे जिसकी कमी, उसकी उसमे याद बसी होती है। ~लोकेश शर्मा। LHS

देखो एक बात है जो मैं तुम्हे बताना चाहता हूँ। हिन्दी कविता। लोकेश शर्मा।

देखो एक बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ, न जाने कब से तुम्हें समझाना चाहता हूँ। रुक रुक कर सोचता हूँ कि अब बता भी देता हूँ, पर जब सामने होती हो तो अंदर छुपा भी लेता हूँ । दिल कहता है बोल दे, दिमाग कहता जरा सोच ले, हिम्मत तो है मुझमें पर तुम्हें खोने से  मैं  डरता हूँ ।