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प्यार का अंश

Pyaar-ka-ansh-poem-by-lh-sharma


उसके आने से मेरा मकान, घर बन गया,

हर कोना, हर दीवार जैसे रोशन बन गया।

मैं अधूरा था, उसके होने से पूर्ण हो गया,

मेरे हर फ़ैसले पर अब उसका हक़ हो गया।

और उसने जब दिया, तो तोहफ़ा अनमोल हो गया,

एक नन्हा बेटा — हमारे प्यार का अंश हो गया।


- लोकेश शर्मा।

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